Friday, 6 October 2017

युद्ध करो

मत आशा करना खादी से ,
यहाँ टोपियाँ बिकती है ।
राजनीति अब वही नहीं जो
आप सबों को दिखती है ।
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जिन्हें राजनीति करनी है ,
खूब करें , आज़ादी है ।
पर सच है सेनाओं की
हत्यारिन भी खादी है ।
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इसीलिए हे वीर जवानों ,
अपनी चेतनता बुद्ध करो ।
सवा अरब जनता कहती है
जनादेश है युद्ध करो ...

 - जयशंकर पाठक
(सर्वाधिकार सुरक्षित)

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